स्वतंत्रता दिवस पर निबंध – Essay on Independence Day in Hindi

हमारे भारतीय स्वतंत्रता दिवस को प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त को मनाया जाता है। इस दिन ने हमें याद दिलाया कि हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने कितनी कठिनाइयों और बलिदानों का सामना किया, जिससे हमें आजादी मिल सकी। इसलिए स्वतंत्रता दिवस को मनाना महत्वपूर्ण है, ताकि हम उन बलिदानों को याद कर सकें और अपने देश के प्रति अपनी निष्ठा को दोहरा सकें।

स्वतंत्रता दिवस का इतिहास

स्वतंत्रता दिवस का इतिहास बहुत ही महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण है। ब्रिटिश शासन के खिलाफ भारतीय स्वतंत्रता संग्राम अनगिनत संघर्षों, आंदोलनों और बलिदानों का साक्षी है। स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत 1857 से मानी जाती है, जिसे प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के नाम से भी जाना जाता है।

1857 का विद्रोह

1857 का विद्रोह ब्रिटिश शासन के खिलाफ पहला बड़ा संगठित संघर्ष था। इसे हिंदी में ‘सिपाही विद्रोह’ भी कहा जाता है। इस विद्रोह का लक्ष्य था भारत को ब्रिटिश शासन से मुक्त कराना। इस विद्रोह में मंगल पांडे, रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे और अनेक अन्य वीर योद्धाओं ने हिस्सा लिया। हालांकि यह विद्रोह सफल नहीं हो पाया लेकिन इसने स्वतंत्रता की नींव को मजबूत किया।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और महात्मा गांधी

1885 में स्थापित हुआ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस स्वतंत्रता संग्राम की प्रमुख राजनीतिक पार्टी बन गई। इसके बाद महात्मा गांधी जी ने अहिंसा और सत्याग्रह के सिद्धांतों के द्वारा स्वतंत्रता संग्राम को एक नया रूप दिया। उन्होंने दांडी मार्च, भारत छोड़ो आंदोलन और असहयोग आंदोलन जैसे महान आंदोलनों की शुरुआत की, जो स्वतंत्रता संघर्ष में एक मील का पत्थर साबित हुए।

अलग-अलग स्वतंत्रता सेनानी और उनके योगदान

भगत सिंह

भगत सिंह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नेता थे। उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर लाहौर में सांडर्स की हत्या कर दी, जो ब्रिटिश अधिकारी थे। उन्होंने 1929 में दिल्ली की असेंबली में भी बम फेंका, जिससे ब्रिटिश शासन में हलचल मच गई।

सुभाष चंद्र बोस

सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिन्द फौज का गठन किया और भारत को स्वतंत्र कराने का सपना देखा। उनका नारा था: “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा”। उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ कई युद्ध लड़े और भारतीयों में स्वतंत्रता की प्यास जगाई।

स्वतंत्रता की घोषणा

अनेक वर्षों के संघर्षों और बलिदानों के बाद 15 अगस्त 1947 को भारत ने स्वतंत्रता प्राप्त की। इस तारीख को संयुक्त अधिनियम 1947 के तहत भारत को दो भागों में बांटा गया – भारत और पाकिस्तान। इस दिन को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इस दिन जवाहरलाल नेहरू ने भारत का पहला प्रधानमंत्री बनकर “तिरंगा” फहराया और ऐतिहासिक भाषण दिया, जिसे “नियति के साथ साक्षात्कार” के नाम से जाना जाता है।

स्वतंत्रता दिवस के उत्सव

स्वतंत्रता दिवस पूरे देश में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन हर भारतीय नागरिक अपने देश के प्रति अपने प्रेम और निष्ठा को प्रकट करता है।

दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर उत्सव

राष्ट्रीय स्तर पर स्वतंत्रता दिवस का मुख्य आयोजन दिल्ली के लाल किले पर होता है, जहां प्रधानमंत्री तिरंगा फहराते हैं और राष्ट्र को संबोधित करते हैं। इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक और पारंपरिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाते हैं।

स्कूलों और कॉलेज़ों में उत्सव

स्कूलों और कॉलेज़ों में भी स्वतंत्रता दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन बच्चे तिरंगा फहराते हैं, राष्ट्रगान गाते हैं और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। स्वतंत्रता सेनानियों की कहानियां सुनाई जाती हैं, जिससे बच्चों में देशभक्ति की भावना जागृत होती है।

स्वतंत्रता दिवस की महत्ता

स्वतंत्रता दिवस की महत्ता विभिन्न दृष्टिकोणों से देखी जा सकती है। यह दिन सिर्फ एक राष्ट्रीय अवकाश नहीं है, बल्कि यह हमें हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को याद करने और उनके प्रति सम्मान प्रकट करने का अवसर प्रदान करता है।

राष्ट्रीय एकता और अखंडता

स्वतंत्रता दिवस राष्ट्रीय एकता और अखंडता का प्रतीक है। यह हमें याद दिलाता है कि हम सभी भारतीय एक हैं और हमें अपने देश की सवीट्र को बनाए रखने के लिए एकजुट रहना चाहिए।

युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत

स्वतंत्रता दिवस युवाओं के लिए भी एक बहुत बड़ा प्रेरणा स्रोत है। यह दिन उन्हें अपने स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्षों और बलिदानों की याद दिलाता है और उन्हें अपने देश की सेवा करने के लिए प्रेरित करता है।

देशभक्ति की भावना जागृत करता है

स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति की भावना को जागृत करता है। इस दिन हर भारतीय नागरिक तिरंगा अपने घर पर फहराता है, राष्ट्रगान गाता है और देश के प्रति अपनी निष्ठा को प्रकट करता है।

निष्कर्ष

स्वतंत्रता दिवस भारत के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण दिन है। यह दिन हमें हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को याद दिलाता है और हमें यह एहसास दिलाता है कि हमें अपने देश के प्रति कितना निष्ठावान और समर्पित होना चाहिए। इसलिए, हम सभी को इस दिन को बड़े उत्साह और निष्ठा के साथ मनाना चाहिए और अपने देश की स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए।

जय हिंद! जय भारत!

Scroll to Top