Dr. Bhimrao Ambedkar Quotes in Hindi – डॉ. भीमराव अम्बेडकर के अनमोल विचार

1. Quote:

“Life should be great rather than long.”

अनुवाद: “जीवन लंबा होने के बजाय महान होना चाहिए।”

अर्थ और स्पष्टीकरण: बी. आर. अम्बेडकर का यह उद्धरण जीवन में मात्रा से अधिक गुणवत्ता के महत्व पर जोर देता है। यह सुझाव देता है कि किसी के जीवन की लंबाई पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय एक सार्थक और पूर्ण जीवन जीना अधिक महत्वपूर्ण है। यह व्यक्तियों को व्यक्तिगत विकास, सफलता और समाज में योगदान जैसे जीवन के विभिन्न पहलुओं में अनुभव करने और महानता हासिल करने को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित करता है।

2. Quote:

“I measure the progress of a community by the degree of progress which women have achieved.”

अनुवाद: “मैं किसी समुदाय की प्रगति को महिलाओं द्वारा हासिल की गई प्रगति की डिग्री से मापता हूं।”

अर्थ और स्पष्टीकरण: बी. आर. अम्बेडकर सामाजिक विकास के माप के रूप में महिलाओं की प्रगति के महत्व पर प्रकाश डालते हैं। उनका मानना ​​है कि सच्ची प्रगति तभी हासिल की जा सकती है जब महिलाओं को सशक्त बनाया जाए और जीवन के सभी क्षेत्रों में समान अवसर दिए जाएं। यह उद्धरण लैंगिक समानता की आवश्यकता और समाज की प्रगति में महिलाओं के योगदान को मान्यता देने पर जोर देता है।

3. Quote:

“A great man is different from an eminent one in that he is ready to be the servant of the society.”

अनुवाद: “एक महान व्यक्ति एक प्रतिष्ठित व्यक्ति से इस मायने में भिन्न होता है कि वह समाज का सेवक बनने के लिए तैयार रहता है।”

अर्थ और व्याख्या: बी.आर. अम्बेडकर के अनुसार, सच्ची महानता समाज की सेवा करने की इच्छा में निहित है। उनका मानना ​​है कि केवल प्रतिष्ठित या सफल होना ही पर्याप्त नहीं है; एक व्यक्ति वास्तव में तब महान बनता है जब वह निस्वार्थ भाव से समाज के कल्याण और उत्थान में योगदान देता है। यह उद्धरण व्यक्तियों को दूसरों की सेवा को प्राथमिकता देने और यह पहचानने के लिए प्रोत्साहित करता है कि सच्ची महानता दूसरों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालने से आती है।

4. Quote:

“Caste may be bad. Caste may lead to conduct so gross as to be called man’s inhumanity to man. All the same, it must be recognized that the Hindus observe Caste not because they are inhuman or wrong-headed. They observe Caste because they are deeply religious.”

अनुवाद: “जाति बुरी हो सकती है। जाति आचरण को इतना घृणित बना सकती है कि इसे मनुष्य की मनुष्य के प्रति अमानवीयता कहा जा सकता है। फिर भी, यह स्वीकार किया जाना चाहिए कि हिंदू जाति का पालन करते हैं, इसलिए नहीं कि वे अमानवीय या ग़लत सोच वाले हैं। वे जाति का पालन करते हैं क्योंकि वे गहरे धार्मिक हैं।”

अर्थ और स्पष्टीकरण: इस उद्धरण में, बी.आर. अम्बेडकर हिंदू समाज में जाति व्यवस्था के अस्तित्व और इसके नकारात्मक परिणामों को स्वीकार करते हैं। हालाँकि, वह यह भी बताते हैं कि जाति व्यवस्था का पालन हिंदुओं की धार्मिक मान्यताओं में गहराई से निहित है। उनका सुझाव है कि जाति से जुड़े मुद्दों को संबोधित करने के लिए, इसे केवल अमानवीय या गलत तरीके से लेबल करने के बजाय, इसके अभ्यास के पीछे के धार्मिक पहलुओं और प्रेरणाओं को समझना महत्वपूर्ण है।

5. Quote:

“I like the religion that teaches liberty, equality, and fraternity.”

अनुवाद: “मुझे वह धर्म पसंद है जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा सिखाता है।”

अर्थ और स्पष्टीकरण: बी. आर. अम्बेडकर एक ऐसे धर्म के प्रति अपनी प्राथमिकता व्यक्त करते हैं जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे जैसे मूल्यों को बढ़ावा देता है। यह उद्धरण धार्मिक शिक्षाओं के महत्व में उनके विश्वास को दर्शाता है जो समाज के सभी सदस्यों के बीच स्वतंत्रता, समान अधिकारों और भाईचारे की भावना पर जोर देती है। अम्बेडकर एक ऐसे धर्म की वकालत करते हैं जो सामाजिक सद्भाव, करुणा और निष्पक्षता को बढ़ावा देता है।

6. Quote:

“I measure the progress of a community by the degree of progress which women have achieved.”

अनुवाद: “मैं किसी समुदाय की प्रगति को महिलाओं द्वारा हासिल की गई प्रगति की डिग्री से मापता हूं।”

अर्थ और स्पष्टीकरण: बी. आर. अम्बेडकर सामाजिक विकास के माप के रूप में महिलाओं की प्रगति के महत्व पर प्रकाश डालते हैं। उनका मानना ​​है कि सच्ची प्रगति तभी हासिल की जा सकती है जब महिलाओं को सशक्त बनाया जाए और जीवन के सभी क्षेत्रों में समान अवसर दिए जाएं। यह उद्धरण लैंगिक समानता की आवश्यकता और समाज की प्रगति में महिलाओं के योगदान को मान्यता देने पर जोर देता है।

7. Quote:

“A great man is different from an eminent one in that he is ready to be the servant of the society.”

अनुवाद: “एक महान व्यक्ति एक प्रतिष्ठित व्यक्ति से इस मायने में भिन्न होता है कि वह समाज का सेवक बनने के लिए तैयार रहता है।”

अर्थ और व्याख्या: बी.आर. अम्बेडकर के अनुसार, सच्ची महानता समाज की सेवा करने की इच्छा में निहित है। उनका मानना ​​है कि केवल प्रतिष्ठित या सफल होना ही पर्याप्त नहीं है; एक व्यक्ति वास्तव में तब महान बनता है जब वह निस्वार्थ भाव से समाज के कल्याण और उत्थान में योगदान देता है। यह उद्धरण व्यक्तियों को दूसरों की सेवा को प्राथमिकता देने और यह पहचानने के लिए प्रोत्साहित करता है कि सच्ची महानता दूसरों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालने से आती है।

8. Quote:

“Caste may be bad. Caste may lead to conduct so gross as to be called man’s inhumanity to man. All the same, it must be recognized that the Hindus observe Caste not because they are inhuman or wrong-headed. They observe Caste because they are deeply religious.”

अनुवाद: “जाति बुरी हो सकती है। जाति आचरण को इतना घृणित बना सकती है कि इसे मनुष्य की मनुष्य के प्रति अमानवीयता कहा जा सकता है। फिर भी, यह स्वीकार किया जाना चाहिए कि हिंदू जाति का पालन करते हैं, इसलिए नहीं कि वे अमानवीय या ग़लत सोच वाले हैं। वे जाति का पालन करते हैं क्योंकि वे गहरे धार्मिक हैं।”

अर्थ और स्पष्टीकरण: इस उद्धरण में, बी.आर. अम्बेडकर हिंदू समाज में जाति व्यवस्था के अस्तित्व और इसके नकारात्मक परिणामों को स्वीकार करते हैं। हालाँकि, वह यह भी बताते हैं कि जाति व्यवस्था का पालन हिंदुओं की धार्मिक मान्यताओं में गहराई से निहित है। उनका सुझाव है कि जाति से जुड़े मुद्दों को संबोधित करने के लिए, इसे केवल अमानवीय या गलत तरीके से लेबल करने के बजाय, इसके अभ्यास के पीछे के धार्मिक पहलुओं और प्रेरणाओं को समझना महत्वपूर्ण है।

9. Quote:

“I like the religion that teaches liberty, equality, and fraternity.”

अनुवाद: “मुझे वह धर्म पसंद है जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा सिखाता है।”

अर्थ और स्पष्टीकरण: बी. आर. अम्बेडकर एक ऐसे धर्म के प्रति अपनी प्राथमिकता व्यक्त करते हैं जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे जैसे मूल्यों को बढ़ावा देता है। यह उद्धरण धार्मिक शिक्षाओं के महत्व में उनके विश्वास को दर्शाता है जो समाज के सभी सदस्यों के बीच स्वतंत्रता, समान अधिकारों और भाईचारे की भावना पर जोर देती है। अम्बेडकर एक ऐसे धर्म की वकालत करते हैं जो सामाजिक सद्भाव, करुणा और निष्पक्षता को बढ़ावा देता है।

10. Quote:

“The basic idea underlying religion is to create an atmosphere for the spiritual development of the individual.”

अनुवाद: “धर्म का मूल विचार व्यक्ति के आध्यात्मिक विकास के लिए माहौल बनाना है।”

अर्थ और स्पष्टीकरण: बी.आर. अम्बेडकर के अनुसार, धर्म का मूल उद्देश्य व्यक्तियों के आध्यात्मिक विकास और ज्ञानोदय के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करना है। उनका मानना ​​है कि धर्म को ईश्वर के साथ गहरे संबंध की सुविधा प्रदान करनी चाहिए और व्यक्तियों को चेतना और आंतरिक शांति के उच्च स्तर प्राप्त करने की दिशा में मार्गदर्शन करना चाहिए। यह उद्धरण धर्म के आध्यात्मिक पहलू और व्यक्तियों के लिए परिवर्तनकारी क्षमता पर प्रकाश डालता है।

11. Quote:

“Lost rights are never regained by appeals to the conscience of the usurpers, but by relentless struggle.”

अनुवाद: “खोए हुए अधिकार कभी भी हड़पने वालों की अंतरात्मा की अपील से नहीं, बल्कि अथक संघर्ष से वापस मिलते हैं।”

अर्थ और व्याख्या: बी. आर. अम्बेडकर अटूट और लगातार संघर्ष के माध्यम से अपने अधिकारों के लिए लड़ने के महत्व पर जोर देते हैं। उनका मानना ​​है कि उन लोगों की अंतरात्मा की आवाज उठाना जिन्होंने दूसरों को उनके अधिकारों से वंचित किया है, जो खो गया है उसे वापस पाने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसके बजाय, वह व्यवस्था को चुनौती देने और न्याय की मांग करने के लिए निरंतर और दृढ़ प्रयासों की वकालत करते हैं। यह उद्धरण व्यक्तियों को अपने अधिकारों की लड़ाई में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करता है और केवल दूसरों की निष्पक्षता की अपील पर भरोसा नहीं करता है।

12. Quote:

“I measure the progress of a community by the degree of progress which women have achieved.”

अनुवाद: “मैं किसी समुदाय की प्रगति को महिलाओं द्वारा हासिल की गई प्रगति की डिग्री से मापता हूं।”

अर्थ और स्पष्टीकरण: बी. आर. अम्बेडकर सामाजिक विकास के माप के रूप में महिलाओं की प्रगति के महत्व पर प्रकाश डालते हैं। उनका मानना ​​है कि सच्ची प्रगति तभी हासिल की जा सकती है जब महिलाओं को सशक्त बनाया जाए और जीवन के सभी क्षेत्रों में समान अवसर दिए जाएं। यह उद्धरण लैंगिक समानता की आवश्यकता और समाज की प्रगति में महिलाओं के योगदान को मान्यता देने पर जोर देता है।

13. Quote:

“A great man is different from an eminent one in that he is ready to be the servant of the society.”

अनुवाद: “एक महान व्यक्ति एक प्रतिष्ठित व्यक्ति से इस मायने में भिन्न होता है कि वह समाज का सेवक बनने के लिए तैयार रहता है।”

अर्थ और व्याख्या: बी.आर. अम्बेडकर के अनुसार, सच्ची महानता समाज की सेवा करने की इच्छा में निहित है। उनका मानना ​​है कि केवल प्रतिष्ठित या सफल होना ही पर्याप्त नहीं है; एक व्यक्ति वास्तव में तब महान बनता है जब वह निस्वार्थ भाव से समाज के कल्याण और उत्थान में योगदान देता है। यह उद्धरण व्यक्तियों को दूसरों की सेवा को प्राथमिकता देने और यह पहचानने के लिए प्रोत्साहित करता है कि सच्ची महानता दूसरों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालने से आती है।

14. Quote:

“Caste may be bad. Caste may lead to conduct so gross as to be called man’s inhumanity to man. All the same, it must be recognized that the Hindus observe Caste not because they are inhuman or wrong-headed. They observe Caste because they are deeply religious.”

अनुवाद: “जाति बुरी हो सकती है। जाति आचरण को इतना घृणित बना सकती है कि इसे मनुष्य की मनुष्य के प्रति अमानवीयता कहा जा सकता है। फिर भी, यह स्वीकार किया जाना चाहिए कि हिंदू जाति का पालन करते हैं, इसलिए नहीं कि वे अमानवीय या ग़लत सोच वाले हैं। वे जाति का पालन करते हैं क्योंकि वे गहरे धार्मिक हैं।”

अर्थ और स्पष्टीकरण: इस उद्धरण में, बी.आर. अम्बेडकर हिंदू समाज में जाति व्यवस्था के अस्तित्व और इसके नकारात्मक परिणामों को स्वीकार करते हैं। हालाँकि, वह यह भी बताते हैं कि जाति व्यवस्था का पालन हिंदुओं की धार्मिक मान्यताओं में गहराई से निहित है। उनका सुझाव है कि जाति से जुड़े मुद्दों को संबोधित करने के लिए, इसे केवल अमानवीय या गलत तरीके से लेबल करने के बजाय, इसके अभ्यास के पीछे के धार्मिक पहलुओं और प्रेरणाओं को समझना महत्वपूर्ण है।

15. Quote:

“I like the religion that teaches liberty, equality, and fraternity.”

अनुवाद: “मुझे वह धर्म पसंद है जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा सिखाता है।”

अर्थ और स्पष्टीकरण: बी. आर. अम्बेडकर एक ऐसे धर्म के प्रति अपनी प्राथमिकता व्यक्त करते हैं जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे जैसे मूल्यों को बढ़ावा देता है। यह उद्धरण धार्मिक शिक्षाओं के महत्व में उनके विश्वास को दर्शाता है जो समाज के सभी सदस्यों के बीच स्वतंत्रता, समान अधिकारों और भाईचारे की भावना पर जोर देती है। अम्बेडकर एक ऐसे धर्म की वकालत करते हैं जो सामाजिक सद्भाव, करुणा और निष्पक्षता को बढ़ावा देता है।

16. Quote:

“The basic idea underlying religion is to create an atmosphere for the spiritual development of the individual.”

अनुवाद: “धर्म का मूल विचार व्यक्ति के आध्यात्मिक विकास के लिए माहौल बनाना है।”

अर्थ और स्पष्टीकरण: बी.आर. अम्बेडकर के अनुसार, धर्म का मूल उद्देश्य व्यक्तियों के आध्यात्मिक विकास और ज्ञानोदय के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करना है। उनका मानना ​​है कि धर्म को ईश्वर के साथ गहरे संबंध की सुविधा प्रदान करनी चाहिए और व्यक्तियों को चेतना और आंतरिक शांति के उच्च स्तर प्राप्त करने की दिशा में मार्गदर्शन करना चाहिए। यह उद्धरण धर्म के आध्यात्मिक पहलू और व्यक्तियों के लिए परिवर्तनकारी क्षमता पर प्रकाश डालता है।

17. Quote:

“Lost rights are never regained by appeals to the conscience of the usurpers, but by relentless struggle.”

अनुवाद: “खोए हुए अधिकार कभी भी हड़पने वालों की अंतरात्मा की अपील से नहीं, बल्कि अथक संघर्ष से वापस मिलते हैं।”

अर्थ और व्याख्या: बी. आर. अम्बेडकर अटूट और लगातार संघर्ष के माध्यम से अपने अधिकारों के लिए लड़ने के महत्व पर जोर देते हैं। उनका मानना ​​है कि उन लोगों की अंतरात्मा की आवाज उठाना जिन्होंने दूसरों को उनके अधिकारों से वंचित किया है, जो खो गया है उसे वापस पाने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसके बजाय, वह व्यवस्था को चुनौती देने और न्याय की मांग करने के लिए निरंतर और दृढ़ प्रयासों की वकालत करते हैं। यह उद्धरण व्यक्तियों को अपने अधिकारों की लड़ाई में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करता है और केवल दूसरों की निष्पक्षता की अपील पर भरोसा नहीं करता है।

18. Quote:

“A man is great by deeds, not by birth.”

अनुवाद: “मनुष्य जन्म से नहीं कर्मों से महान होता है।”

अर्थ और स्पष्टीकरण: बी.आर. अम्बेडकर इस बात पर जोर देते हैं कि सच्ची महानता किसी के सामाजिक या पारिवारिक पृष्ठभूमि के बजाय उसके कार्यों और उपलब्धियों से परिभाषित होती है। यह उद्धरण समाज में किसी व्यक्ति के मूल्य और सम्मान को निर्धारित करने में योग्यता और व्यक्तिगत प्रयासों के महत्व पर प्रकाश डालता है। यह व्यक्तियों को उनके जन्म या सामाजिक स्थिति की परवाह किए बिना उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने और अपने कार्यों के माध्यम से सकारात्मक प्रभाव डालने के लिए प्रोत्साहित करता है।

19. Quote:

“We must stand on our own feet and fight as best as we can for our rights.”

अनुवाद: “हमें अपने पैरों पर खड़ा होना चाहिए और अपने अधिकारों के लिए यथासंभव सर्वोत्तम संघर्ष करना चाहिए।”

अर्थ और स्पष्टीकरण: बी. आर. अम्बेडकर आत्मनिर्भरता के महत्व और व्यक्तियों को अपने अधिकारों के लिए स्वतंत्र रूप से लड़ने की आवश्यकता पर जोर देते हैं। वह लोगों से आग्रह करते हैं कि वे अपने अधिकारों की मांग करने में आत्मनिर्भर और दृढ़ रहें और अपनी मुक्ति या प्रगति के लिए दूसरों पर निर्भर न रहें। यह उद्धरण व्यक्तियों को अपने भाग्य का प्रभार स्वयं लेने और न्याय और समानता के लिए संघर्ष में सक्रिय रूप से शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करता है।

20. Quote:

“I measure the progress of a community by the degree of progress which women have achieved.”

अनुवाद: “मैं किसी समुदाय की प्रगति को महिलाओं द्वारा हासिल की गई प्रगति की डिग्री से मापता हूं।”

अर्थ और स्पष्टीकरण: बी. आर. अम्बेडकर सामाजिक विकास के माप के रूप में महिलाओं की प्रगति के महत्व पर प्रकाश डालते हैं। उनका मानना ​​है कि सच्ची प्रगति तभी हासिल की जा सकती है जब महिलाओं को सशक्त बनाया जाए और जीवन के सभी क्षेत्रों में समान अवसर दिए जाएं। यह उद्धरण लैंगिक समानता की आवश्यकता और समाज की प्रगति में महिलाओं के योगदान को मान्यता देने पर जोर देता है।

21. Quote:

“A great man is different from an eminent one in that he is ready to be the servant of the society.”

अनुवाद: “एक महान व्यक्ति एक प्रतिष्ठित व्यक्ति से इस मायने में भिन्न होता है कि वह समाज का सेवक बनने के लिए तैयार रहता है।”

अर्थ और व्याख्या: बी.आर. अम्बेडकर के अनुसार, सच्ची महानता समाज की सेवा करने की इच्छा में निहित है। उनका मानना ​​है कि केवल प्रतिष्ठित या सफल होना ही पर्याप्त नहीं है; एक व्यक्ति वास्तव में तब महान बनता है जब वह निस्वार्थ भाव से समाज के कल्याण और उत्थान में योगदान देता है। यह उद्धरण व्यक्तियों को दूसरों की सेवा को प्राथमिकता देने और यह पहचानने के लिए प्रोत्साहित करता है कि सच्ची महानता दूसरों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालने से आती है।

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